गर्भावस्था में AI का कमाल: जन्म का समय और खतरे का पहले से पता लगाएगा देसी मॉडल
भारत ने गर्भावस्था से जुड़ी देखभाल में बड़ा कदम उठाते हुए एक नया AI आधारित मॉडल तैयार किया है, जो अब शिशु के जन्म के समय का अधिक सटीक अनुमान लगा सकेगा। यह मॉडल विदेशी फॉर्मूलों जैसे Hadlock Model और INTERGROWTH-21st पर निर्भरता कम करेगा, क्योंकि वे पश्चिमी देशों के डाटा पर आधारित हैं। भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह मॉडल गर्भावस्था की सही उम्र का आकलन करने के साथ-साथ समय से पहले जन्म (प्री-टर्म) के खतरे की पहचान भी करेगा।
इस पहल के तहत केंद्र सरकार ने Garbh-Ini Programme शुरू किया है, जिसे India Habitat Centre में लॉन्च किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में 12 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं का डाटा जुटाया गया, जिनमें से करीब 11 हजार के परिणामों का विश्लेषण किया गया। खास बात यह है कि यह मॉडल उन महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी होगा, जो शुरुआती महीनों में डॉक्टर तक नहीं पहुंच पातीं या जिन्हें अपनी आखिरी माहवारी की सही जानकारी नहीं होती।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में नवजात मौतों का एक बड़ा कारण प्री-टर्म डिलीवरी बनता जा रहा है। Jawaharlal Nehru Medical College के अध्ययन के मुताबिक, हर चार में से एक नवजात की मौत समय से पहले जन्म से जुड़ी जटिलताओं के कारण होती है। ऐसे में यह AI मॉडल न सिर्फ समय पर पहचान और इलाज में मदद करेगा, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।