Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के आसपास हालात बिगड़ने के बीच भारत ने अपनी मजबूत कूटनीति का प्रदर्शन किया है। एलपीजी संकट के बीच अमेरिका का कार्गो जहाज “पिक्सिस पायनियर” 16,714 मीट्रिक टन गैस लेकर Mangalore Port पहुंचा। इससे एक दिन पहले रूस का तेल टैंकर “एक्वा टाइटन” भी एक लाख टन से ज्यादा कच्चा तेल लेकर भारत पहुंच चुका था, जिसे पहले चीन जाना था लेकिन बाद में भारत की ओर मोड़ दिया गया।
दरअसल, Strait of Hormuz के पास करीब 700 जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर करीब 20% तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। इस संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। ऐसे हालात में अमेरिका और रूस दोनों से एक के बाद एक सप्लाई मिलना भारत के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, Mangalore Port पर मौजूद देश की सबसे बड़ी भूमिगत एलपीजी स्टोरेज सुविधा (80,000 मीट्रिक टन क्षमता) इस समय बेहद अहम भूमिका निभा रही है। लगातार मिल रही आपूर्ति से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में राहत मिल रही है। यह स्थिति दिखाती है कि वैश्विक संकट के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर पूरी तरह तैयार और सक्रिय है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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