राज्य में 252 करोड़ की वसूली और सरकारी लापरवाही पर CAG की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
सरकार 252 करोड़ रुपये वसूलने जा रही है, जो नियमों के मुताबिक अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ की वजह से राज्य को नुकसान हुआ। गैरसैंण विधानसभा में महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें लोनिवि, सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभागों की लापरवाही उजागर हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि उप खनिजों पर रायल्टी वसूलने के नियमों के अनुसार पांच प्रतिशत की दर से वसूली करनी थी, लेकिन अधिकारियों ने केवल एक प्रतिशत की दर से वसूली की, जिससे 252 करोड़ का नुकसान हुआ। सभी जिलों के डीएम और विभाग के आला अधिकारी जिम्मेदार ठहराए गए हैं।
कुंभ मेला और कोरोना जांच में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। CAG ने बताया कि 2021 के हरिद्वार कुंभ के लिए जारी 806 करोड़ में से केवल 586 करोड़ ही मेला अधिकारियों द्वारा जारी किए गए, जबकि 219 करोड़ का खर्च नहीं हो पाया। इसके अलावा कोविड-19 जांच में भुगतान और रिकॉर्ड में कई खामियां पाई गईं, साथ ही 9 करोड़ की एमआरआई मशीन खरीद में विक्रेता को अनुचित लाभ पहुंचाने का खुलासा भी हुआ।
राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी कंपनियों की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। 32 सार्वजनिक उपक्रमों और 28 कंपनियों पर 8993 करोड़ का निवेश किया गया, लेकिन दो निगमों को छोड़कर अन्य से सरकार को कोई लाभ नहीं मिला। शहरी विकास विभाग की परियोजनाओं में भी सलाहकार नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए हैं। CAG ने इन अनियमितताओं के चलते सिस्टम में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है।