चित्तौड़गढ़ में कश्मीरी छात्रों का विवाद: जेल से रिहाई और भविष्य की चिंता
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी से 17 कश्मीरी नर्सिंग छात्रों को दो दिन जेल में रहने के बाद रिहा कर दिया गया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पर हिरासत में लिया गया, जबकि उनकी मांग केवल कोर्स की मान्यता और अपने करियर की सुरक्षा से जुड़ी थी।
ये सभी छात्र शैक्षणिक सत्र 2022-23 में 'जम्मू-कश्मीर विशेष छात्रवृत्ति योजना' (JKSSS) के तहत भर्ती हुए थे। छात्रों के अनुसार, जिस नर्सिंग कोर्स में वे पढ़ाई कर रहे थे, उसे राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) की मान्यता प्राप्त नहीं थी। विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया जारी होने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र मान्यता सुनिश्चित करने के लिए लगातार विरोध प्रदर्शन करते रहे।
आल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से हस्तक्षेप की मांग की है। AIMSA ने उच्च स्तरीय जांच की अपील करते हुए कहा कि छात्रों को मान्यता प्राप्त संस्थान में ट्रांसफर या वर्तमान कोर्स की मान्यता तुरंत बहाल की जाए। इस घटना ने राजस्थान में निजी विश्वविद्यालयों के रेगुलेटरी अनुपालन और राज्य की शिक्षा साख पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।