Patrakar Priyanshi Chaturvedi
देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा GATE में बड़े नकल नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। Raipur पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन इंजीनियर और तीन साल्वर को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि Haryana का एक संगठित गिरोह हमनाम अभ्यर्थियों को 10 से 15 लाख रुपये में फर्जी परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराता था। यह गिरोह फार्म भरने से लेकर रिजल्ट घोषित होने तक पूरी प्रक्रिया को सुनियोजित तरीके से अंजाम देता था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह अभ्यर्थियों को फार्म भरते समय सरनेम न लगाने की सलाह देता था, ताकि पहचान मिलान में दिक्कत न आए। मिलते-जुलते नाम और चेहरे वाले उम्मीदवारों को टारगेट कर उनके स्थान पर साल्वर परीक्षा देते थे। सौदे के तहत पहले दो लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे, जबकि रिजल्ट आने के बाद बाकी रकम वसूली जाती थी। साल्वर को परीक्षा देने के बदले करीब तीन लाख रुपये दिए जाते थे। परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ ईयरपीस जैसे हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता था, जिनकी कीमत लगभग 10 हजार रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों—लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की, सुमित सहवाग और अमर—के बारे में आशंका है कि वे 10 से 12 अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शामिल रहे हैं। सुमित के मोबाइल से दिल्ली और हरियाणा पुलिस समेत अन्य विभागों के एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं, जिससे नेटवर्क के व्यापक होने के संकेत मिले हैं। अमर जम्मू में चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट में असिस्टेंट इंजीनियर पद पर कार्यरत बताया गया है, लेकिन कई दिनों से ड्यूटी पर अनुपस्थित था। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की गहन जांच कर रही है। इस खुलासे ने देश की प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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