Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार Muhammad Yunus ने इस्तीफे से पहले अपने आखिरी भाषण में कहा कि बांग्लादेश अब अपनी विदेश नीति को संप्रभुता, गरिमा और स्वतंत्रता के आधार पर आगे बढ़ाएगा और किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करेगा। क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग की चर्चा करते हुए उन्होंने नेपाल, भूटान और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों—जिन्हें अक्सर ‘सेवन सिस्टर्स’ कहा जाता है—को एक साझा आर्थिक ढांचे में जोड़ने की बात कही। उनका संकेत था कि इन भू-आवेष्ठित इलाकों के लिए बांग्लादेश के बंदरगाह वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बन सकते हैं।
यूनुस ने अपने संबोधन में चीन, जापान, अमेरिका और यूरोप के साथ बढ़ते संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने चीन समर्थित तीस्ता नदी परियोजना और नीलफामारी में प्रस्तावित अस्पताल निर्माण का जिक्र किया, जो भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर के करीब स्थित है। उनके बयान को क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन और कनेक्टिविटी की राजनीति के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
अपने भाषण में यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश अपनी सेना को किसी भी आक्रामकता से निपटने के लिए मजबूत कर रहा है। हालांकि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे टिप्पणी नहीं की। इस दौरान उन्होंने बीएनपी नेता तारिक रहमान को सलाह दी कि देश के बंदरगाहों की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाया जाए, ताकि वैश्विक बंदरगाह प्रबंधन कंपनियों के साथ समझौते कर आर्थिक प्रगति को गति दी जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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