सीपीआई में बड़ा बदलाव, अब ओटीटी और ई-कॉमर्स के दाम भी होंगे शामिल
महंगाई मापने के सबसे अहम पैमाने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने सीपीआई की नई श्रृंखला में आधार वर्ष 2012 से बदलकर 2024 कर दिया है। अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को भी बाजार माना जाएगा और ई-कॉमर्स, ओटीटी, ब्रॉडबैंड जैसी सेवाओं के दाम भी महंगाई के आंकड़ों में शामिल होंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय हवाई किराया और ग्रामीण क्षेत्रों में घर के किराए को भी पहली बार सीपीआई का हिस्सा बनाया गया है।
सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, नई सीपीआई श्रृंखला घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES 2023-24) पर आधारित है। बड़े शहरों में ऑनलाइन बाजारों से भी कीमतें जुटाई जाएंगी और ग्रामीण-शहरी बाजारों की संख्या बढ़ाई गई है। अब डेटा संग्रह टैबलेट आधारित प्रणाली से होगा। सीपीआई में शामिल वस्तुओं की संख्या भी बढ़ाकर 358 कर दी गई है और ज्यादा बाजारों से कीमतों का डेटा इकट्ठा किया जाएगा, जिससे महंगाई की तस्वीर ज्यादा सटीक मिलेगी।
नई व्यवस्था में खान-पान की वस्तुओं का भार घटाया गया है, जबकि सेवाओं और गैर-खाद्य खर्चों का महत्व बढ़ा है। इसके अलावा सोना-चांदी और बिजली की कीमतों के आकलन के लिए भी नया तरीका अपनाया जाएगा। हालांकि मुफ्त सामाजिक योजनाएं, जैसे मुफ्त अनाज या नियोक्ता द्वारा दिए गए लाभ, सीपीआई में शामिल नहीं होंगे। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से भारत का महंगाई सूचकांक वैश्विक मानकों के और करीब पहुंचेगा।