Patrakar Priyanshi Chaturvedi
माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर शुक्रवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही हजारों भक्तों ने दर्शन किए। बाबा महाकाल को भस्म रमाकर और चंदन का त्रिपुंड सजाकर भव्य श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।
मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, भस्म आरती से पूर्व वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन हुआ। इसके बाद भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया और कपूर आरती के पश्चात उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई और शंखनाद, ढोल-नगाड़ों व झांझ-मंजीरों के साथ भस्मारती संपन्न हुई। द्वादशी के अवसर पर बाबा महाकाल का सूर्य और त्रिपुंड से विशेष श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा।
इसी दौरान प्रयास पैरेंट एसोसिएशन, राजकोट के दिव्यांग बच्चों और उनके परिजनों सहित 120 सदस्यों ने भी बाबा महाकाल के दर्शन किए। एसोसिएशन की पूजा पटेल ने बताया कि यह आध्यात्मिक अनुभव सभी के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायी रहा। मंदिर समिति की सुगम और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था की सराहना करते हुए सहायक प्रशासक हिमांशु कारपेंटर ने सभी दिव्यांग बच्चों का स्वागत और सम्मान किया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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