‘मुल्क’ से ‘जय भीम’ तक: गणतंत्र दिवस पर संविधान की अहमियत दिखाती फिल्में

कल देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जो संविधान के महत्व और नागरिक अधिकारों की याद दिलाने का अवसर है। कई बॉलीवुड और क्षेत्रीय फिल्मों ने भी आम जनता को संविधान से जुड़े अधिकारों और सामाजिक न्याय की जानकारी दी है। ये फिल्में दर्शाती हैं कि कैसे संविधान किसी नागरिक का जीवन बदल सकता है और उसे अपने हक के लिए सशक्त बनाता है।

 

ऋषि कपूर स्टारर 'मुल्क' (2019) और अनुभव सिन्हा की 'आर्टिकल 15' जैसे फिल्में समाज में भेदभाव और उत्पीड़न की समस्याओं को सामने लाती हैं। 'मुल्क' में एक अल्पसंख्यक परिवार कोर्ट का दरवाजा खटखटाता है और बहू वकील के रूप में संविधान के आर्टिकल 15 के तहत अपने हक की लड़ाई लड़ती है। इसी तरह 'जय भीम' (2021) फिल्म तमिल लीगल ड्रामा है, जो समाज के निचले तबके के अधिकारों और संविधान के आर्टिकल 17 के महत्व को दर्शाती है।

 

इसके अलावा, 'न्यूटन' (2017) राजकुमार राव के माध्यम से नागरिकों के वोट देने के अधिकार को उजागर करती है, जबकि प्रकाश झा की 'आरक्षण' संविधान के आर्टिकल 16 के तहत समान अवसर और भेदभाव रोकने की बात करती है। यामी गौतम स्टारर 'आर्टिकल 370' जम्मू-कश्मीर में विशेष कानूनों के बदलाव और उससे जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों को दिखाती है। ये सभी फिल्में संविधान की शक्ति और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की कहानी कहती हैं।

 

Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

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