अहिल्या सुशासन की झांकी से सजेगा कर्तव्य पथ, गणतंत्र दिवस पर होगी 300वीं जयंती की प्रस्तुति
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गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में मध्य प्रदेश की झांकी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती को समर्पित होगी। इस झांकी में उनके सुशासन, न्यायप्रियता, सांस्कृतिक संरक्षण, नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को सशक्त रूप में दिखाया गया है। झांकी में महेश्वर घाट, मंदिर, किले, नर्मदा और महेश्वरी साड़ी बुनती महिलाएं भी प्रदर्शित की गई हैं, जो उनके शासनकाल की समृद्ध संस्कृति और सामाजिक योगदान का प्रतीक हैं।

 

झांकी के अग्र भाग में लोकमाता अहिल्याबाई की प्रतिमा पद्मासन में हाथ में शिवलिंग लिए दिखाई गई है। यह दृश्य भारतीय मातृशक्ति की गरिमा, सौम्यता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। झांकी के मध्य भाग में वे अपने मंत्रिगण और सैनिकों के साथ दिख रही हैं, जो उनके न्यायप्रिय शासन और मजबूत प्रशासन को दर्शाता है। निचले हिस्से में होलकर साम्राज्य द्वारा किए गए मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार का चित्रण किया गया है, जिसमें सैनिक सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा करते नजर आते हैं।

 

अंतिम भाग में महेश्वर के प्रसिद्ध घाट, मंदिर और किले दिखाए गए हैं। नीचे पवित्र नर्मदा नदी और घाटों का दृश्य है, वहीं भित्तिचित्रों में महिलाएं महेश्वरी साड़ी बुनती दिखाई देती हैं। यह नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। झांकी के साथ चल रहे लोक कलाकारों का पारंपरिक नृत्य इसे और जीवंत, रंगीन और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली बनाता है।

Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

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