Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) ने सियासी हड़कंप मचा दिया है। ग्वालियर की चारों विधानसभा सीटों पर हटाए गए मतदाताओं के नामों की संख्या इतनी ज्यादा है कि इससे भविष्य के चुनावी समीकरण पूरी तरह डगमगा गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि हर सीट पर जितने वोटों से विधायक जीते थे, उससे तीन से चार गुना अधिक नाम वोटर लिस्ट से कट चुके हैं। इससे सभी प्रमुख दलों के कद्दावर नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं।
ग्वालियर दक्षिण सीट पर पिछली बार नारायण सिंह कुशवाह महज 2,536 वोटों से जीते थे, लेकिन यहां 56,552 नाम मतदाता सूची से हट गए हैं। ग्वालियर पूर्व में सतीश सिंह सिकरवार 15,353 वोटों से विजयी हुए थे, जबकि यहां रिकॉर्ड 75,789 नाम कटे हैं। ग्वालियर सीट से मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की जीत का अंतर 19,140 वोट था, लेकिन 55,653 नाम हटाए गए। वहीं ग्वालियर ग्रामीण में साहब सिंह 3,282 वोटों से जीते थे, जबकि 31,282 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं।
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अलर्ट मोड में आ गए हैं। जिन इलाकों में ज्यादा नाम कटे हैं, वहां कार्यकर्ता घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जुड़वाने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के पास आपत्तियों की बाढ़ आ सकती है। राजनीतिक गलियारों में आशंका है कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर आगामी चुनावों के नतीजों पर पड़ेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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