Patrakar Priyanshi Chaturvedi
हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में एक रैली में कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने। उन्होंने भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि संविधान किसी भी नागरिक को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या महापौर बनने से नहीं रोकता। ओवैसी ने पाकिस्तान के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां संविधान केवल एक धर्म के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनने की अनुमति देता है, जबकि भारत में ऐसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाते हैं, उनका अंत होगा और समाज में प्रेम और समानता का वातावरण बनेगा।
ओवैसी के बयान पर राजनीति गरमाई। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रतिक्रिया देते हुए चुनौती दी कि ओवैसी पहले अपनी पार्टी में किसी मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को अध्यक्ष बनाकर दिखाएं। महाराष्ट्र के शिवसेना प्रवक्ता और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री का पद हमेशा जनता और योग्यता पर आधारित होना चाहिए, न कि धर्म या जाति पर। इस बयान के बाद राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज हो गई और सोशल मीडिया पर भी विवाद गर्मा गया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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