इंदौर में दूषित पानी त्रासदी पर सख्ती
Strict action,  against contaminated, water tragedy , Indore

इंदौर में दूषित पानी से 18 मौतों और उल्टी-दस्त के करीब 3200 मरीज सामने आने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संघ ने कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर दोनों को तलब कर नगर निगम की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह ने संघ कार्यालय में डेढ़ घंटे तक बैठक लेकर हालात और कारणों पर चर्चा की। बैठक में कहा गया कि जर्जर जल आपूर्ति लाइन को समय पर बदलने में हुई लापरवाही ने इस त्रासदी को जन्म दिया और बेहतर व्यवस्थाओं की तत्काल जरूरत है।

 

जानकारी के मुताबिक, भागीरथपुरा की सप्लाई लाइन बदलने का प्रस्ताव एमआईसी में पास होने के बावजूद वर्क ऑर्डर जारी करने में भारी देरी हुई। खुद अफसरों पर काम न करने का आरोप लगाने वाले महापौर ने ही फाइल पर 67 दिन बाद हस्ताक्षर किए। टेंडर प्रक्रिया में भी महीनों की देरी हुई और 10 महीने में पूरा होने वाला काम 35 महीने बाद भी अधूरा है। संघ ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अंतरिम रिपोर्ट तैयार करने और जिम्मेदारी तय करने के संकेत दिए हैं।

Priyanshi Chaturvedi 8 January 2026

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.