Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में एक बार फिर बढ़ते प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के 8 शहरों में खराब होती वायु गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताई है। एनजीटी ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी करते हुए 8 हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक संयुक्त समिति का गठन भी किया गया है, जो प्रदूषण की स्थिति और नियंत्रण उपायों की समीक्षा करेगी।
एनजीटी के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सिंगरौली, सागर और देवास गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की श्रेणी में आ चुके हैं। इन शहरों में पीएम-10 का औसत स्तर 130 से 190 और पीएम 2.5 का स्तर 80 से 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया है, जो तय मानकों से कहीं अधिक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन सभी शहरों को ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित किया है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने राज्य सरकार से ठोस कार्ययोजना और सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट मांगी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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