बिहार में कांग्रेस का ‘एकला चलो’, महागठबंधन के घटक दल पीछे रह गए
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बिहार में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अब राज्य में अपना जनाधार मजबूत करने के लिए नया आंदोलन शुरू करने जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस 11 जनवरी से धरना और जनसंपर्क अभियान चलाएगी। इस आंदोलन में आरजेडी, भाकपा, माकपा और माले जैसी महागठबंधन की पार्टियां शामिल नहीं होंगी, जबकि झारखंड में कांग्रेस को झमुमो का समर्थन प्राप्त है। पार्टी ने अपने बैनर तले 20 दिनों तक चलने वाले आंदोलन में मनरेगा के महत्वपूर्ण प्रावधानों को बचाने और जनता के बीच अपनी ताकत दिखाने का फैसला किया है।

सूत्रों के अनुसार बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का विरोध किया था, लेकिन राहुल गांधी ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में तेजस्वी यादव को आगे नहीं बढ़ाया। चुनाव के बाद महागठबंधन में दूरी स्पष्ट हो गई, और कांग्रेस ने अब अकेले अपने आंदोलन के जरिए जमीन तैयार करने का निर्णय लिया। कांग्रेस नेता 11 जनवरी को धरना देंगे और 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाएंगे, जबकि 30 जनवरी को शहरी इलाकों में वार्ड और ग्रामीण इलाकों में प्रखंड स्तर पर धरना दिया जाएगा।

Priyanshi Chaturvedi 7 January 2026

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