Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी सरकार ने बड़ा और अहम दांव चला है। कोलकाता के न्यू टाउन में दुर्गा पूजा को एक स्थायी पहचान देने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा ‘दुर्गा आंगन’ बनाने की तैयारी की जा रही है। अब तक बांस और कपड़े के अस्थायी पंडालों में सिमटी रहने वाली दुर्गा पूजा को सरकार स्थायी सांस्कृतिक विरासत के रूप में विकसित करना चाहती है। यूनेस्को से दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा मिलने के बाद इस परियोजना को वैश्विक पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
करीब 17.28 एकड़ में फैल रहा यह भव्य परिसर लगभग 262 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है और इसके अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है। इसमें 54 मीटर ऊंचा गर्भगृह, 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, 64 सिंह प्रतिमाएं और 1,008 स्तंभ होंगे। यह परिसर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि दुर्गा पूजा के इतिहास, पारंपरिक मूर्ति कला और पंडाल संस्कृति को दर्शाने वाला सांस्कृतिक केंद्र होगा। यह गोल्ड-सर्टिफाइड ग्रीन बिल्डिंग होगी, जहां पर्यावरण का खास ध्यान रखा जाएगा और एक दिन में करीब 1 लाख श्रद्धालुओं के आने की व्यवस्था होगी, जिससे यह बंगाल की आस्था और संस्कृति का नया प्रतीक बन सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |