Patrakar Priyanshi Chaturvedi
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव से ही समाज की अनेक चुनौतियों का समाधान संभव है और वंचित वर्ग को सशक्त करना समाज का मूल उद्देश्य होना चाहिए। रायपुर प्रवास के अंतिम दिन राम मंदिर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेज स्वेच्छा से भारत से नहीं गए, बल्कि देशवासियों ने एकजुट होकर स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक समय हमारी एकता और अखंडता के कुछ सूत्र कमजोर पड़े, जिससे समाज में दृष्टिगत भेद पैदा हुआ।
सरसंघचालक ने कहा कि अंग्रेजों को भारतीयों की एकता रास नहीं आई, इसलिए उन्होंने समाज में भेद पैदा करने की कोशिश की, लेकिन देशवासियों ने उनके प्रयासों को असफल भी किया है। भागवत ने कहा कि जहां समाज में संगठन और सद्भावना होती है, वहां किसी भी तरह की चुनौती से निपटना आसान हो जाता है। उन्होंने लव जिहाद, मतांतरण और व्यसन जैसे मुद्दों पर समाज को जागरूक करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सतत प्रबोधन और सामाजिक एकजुटता से ही मजबूत और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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