Patrakar Priyanshi Chaturvedi
देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, जेईई मेंस और एडवांस्ड, से जुड़ी गाइडलाइन्स में बार-बार बदलाव हो रहे हैं, जिससे छात्रों में असमंजस और निराशा बढ़ती जा रही है। हाल ही में जारी हुए एक नए आदेश ने छात्रों की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। इस नए नियम के अनुसार, जो छात्र जोसा (ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी) 2024 की प्रक्रिया के माध्यम से किसी भी आईआईटी, एनआईटी, या अन्य केंद्रीय संस्थान में सीट लेने के बाद प्रवेश नहीं लेते हैं, तो वे अब जेईई एडवांस्ड 2025 में दौबारा शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि एक्सपर्ट के अनुसार छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम दो मौके सभी परीक्षाओं में मिलते हैं, छात्रों को एक और मौका तो मिलना ही चाहिए। इस तरह किसी छात्र से परीक्षा का अधिकार छीनना गलत हैं। हां ऐसे छात्रों पर कुछ पेंनटी लगाई जा सकती है।
इससे पहले जेईई परीक्षा के लिए प्रयासों की संख्या को लेकर भी गाइडलाइन्स में बदलाव किए गए थे। पहले, छात्रों को इस परीक्षा में तीन बार बैठने का अवसर दिया गया था, लेकिन इस नियम को निरस्त कर केवल दो प्रयासों तक सीमित कर दिया गया। बार-बार बदले जा रहे इन नियमों ने छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच अनिश्चितता और चिंता को और गहरा कर दिया है।
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