मिक्सर के दौर में गुम हो रहे सील-लोढ़ा और जांता, परंपरा बचाने की कोशिश जारी
आधुनिक रसोई में मिक्सर-ग्राइंडर और इलेक्ट्रिक मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पारंपरिक रसोई उपकरण धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं। पहले घरों में मसाले पीसने और अनाज तैयार करने के लिए सील-लोढ़ा, जांता और मुसर जैसे उपकरणों का उपयोग आम बात थी, लेकिन अब इनकी जगह आधुनिक मशीनों ने ले ली है।
परंपरागत तरीके से मसाले पीसने के लिए इस्तेमाल होने वाला सील-लोढ़ा न केवल मेहनत का काम होता था, बल्कि इससे मसालों की असली खुशबू और स्वाद भी बरकरार रहता था। इसी तरह जांता का उपयोग अनाज पीसने के लिए किया जाता था, जो कभी ग्रामीण जीवन और रसोई संस्कृति का अहम हिस्सा हुआ करता था।
ऐसे समय में सोरी परिवार अपने पूर्वजों की इस विरासत को संभालकर रखने का प्रयास कर रहा है। परिवार ने आज भी सील-लोढ़ा, जांता और मुसर जैसी पारंपरिक वस्तुओं को सुरक्षित रखा है और इनके उपयोग की परंपरा को जीवित रखने की कोशिश कर रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रह सकें।