Patrakar Priyanshi Chaturvedi
दीवाली के दौरान देशभर में जुए का बड़ा रिवाज होता है, जिसके खिलाफ पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई भी करता है। अक्सर इस दौरान जगह-जगह छापे मारे जाते हैं, जुआंरियों को गिरफ्तार किया जाता है। लेकिन इस बीच जबलपुर के पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय का एक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दीपावली से ग्यारस तक जुए के फड़ों पर छापेमारी से संबंधित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आदेश में उल्लेख है कि नदी, कुआं, तालाब और ऊंची इमारतों में चल रहे जुए के फड़ों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
एसपी द्वारा जारी आदेश में लिखा गया कि, दीपावली पर्व से ग्यारस तक जुआ खेले जाने की अधिकांश शिकायते प्राप्त होती हैं। जुए की सूचना पर कोई भी रेड कार्यवाही बिना संबंधित राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी के संज्ञान में लाये नहीं होगी।
आदेश में है कि जुआ रेड कार्यवाही के पूर्व अच्छे तरीके से पता कर लिया जावे की आसपास कुओं, तालाब, नहर, नदी तो नहीं है, यदि है तो रेड कार्यवाही नहीं होगी, पुलिस की उपस्थिति का एहसास कराया जाए, ताकि वे खुद भाग जाएं।
भवन के पहली, दूसरी, तीसरी मंजिल पर यदि जुआ फड़ की सूचना है तो रेड कार्रवाई न की जाए, पुलिस की उपस्थिति का एहसास कराया जाए ताकि वे खुद भाग जाएं। थाने में पदस्थ सभी अधिकारी/कर्मचारियों को ब्रीफ कर आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित किया जावे।
इस अजीबो-गरीब आदेश ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नागरिकों में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। लोगों का कहना है कि क्या पुलिस जुआरियों से डर रही है?
दीपावली से ग्यारस तक का समय जुए के फड़ों के लिए विशेष रूप से सक्रिय रहता है, और इस दौरान लाखों रुपये का दांव लगाया जाता है। विवाद के चलते, कुछ घंटों के भीतर एसपी कार्यालय ने एक संशोधित आदेश जारी किया, जिसमें जुआ फड़ों पर कार्रवाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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