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सूबे के 'सरकार' के मीडिया सलाहकार बनने की कतार में सत्ताधारी दल के चार धुरंधर जोर आजमाइश कर रहे हैं। चारों अपने-अपने लेवल पर हरसंभव कोशिश में जुटे हैं। ये सभी दावेदार मीडिया डिपार्टमेंट से आते हैं एक ने संघ और सरकार से सिफारिश लगाई है तो दूसरे सरकार के करीबी अफसरों के जरिए साहब को साधने की जुगत में लगे हैं। तीसरे दावेदार डिपार्टमेंट के मौजूदा मुखिया हैं और संगठन और सरकार में मजबूत पकड़ के दम पर ताकत लगा रहे हैं। चौथे दावेदार पहले से एडवाइजर का काम संभाल चुके हैं। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया में एक्टिव रहते हैं सबसे अहम दावेदार बजट सत्र के दौरान पूरे समय एक्टिव रहे। हालांकि, अब फैसला 'सरकार' को लेना है। 'सरकार' चाहते हैं कि सलाहकार ऐसा हो जिसकी राजनीतिक महत्वकांक्षाएं कम हो, साथ ही पर्सनल पॉलिटिक्स में इंट्रेस्ट न रखता हो। अब देखते हैं कौन बाजी मारता है।सांसद ने खुद को कहा जोकर राजधानी में बीते दिनों सत्ताधारी दल की एक बैठक हुई। जिसमें एक सांसद ने मंच से जो भाषण दिया, उसे लेकर पार्टी में ही चर्चाएं हो रहीं हैं कि आखिर सांसद जी ने ऐसा क्यों कहा? भाषण देते वक्त सांसद ने कहा कि 'अब कोई मंथरा कुछ नहीं कर पाएगी। और मैं तो जोकर हूं। अब जोकर सांसद बन गया है। पहले चुनाव हारा तो शहर का मुखिया बना और अब चुनाव हारा तो अब ये जोकर सांसद बन गया है।'
सांसद जी ने खुद को जोकर बताते हुए किस पर निशाना साधा? इसका जवाब तलाशने में लोग लग गए हैं।
हाल ही में सूबे की एक महिला मंत्री अपनी ही सिफारिश के कारण मुसीबत में घिर गई हैं। दरअसल, मंत्री महोदया की सिफारिश पर जो आर्म्स लाइसेंस बनाया गया था, उसी हथियार से एक दलित युवक की हत्या हो गई। इस हत्याकांड के बाद विरोधी दल सरकार के साथ मंत्री को घेर रहा है। अब आने वाले वक्त में होने वाले संभावित बदलाव से मंत्री सहमी हुई हैं। आने वाले समय में सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव के संकेत हैं। हालांकि, बदलाव कब होगा ये तय नहीं हैं। ऐसे में कई नॉन परफॉर्मर मंत्री अपने फ्यूचर को लेकर टेंशन में हैं। खबर है कि अगली बार होने वाले बदलाव में कुछ विकेट गिर सकते हैं। नए-पुराने प्लेयर टीम में शामिल किए जाएंगे। इधर, कुर्सी जाने के डर से एक मंत्री जी ने अपनी हर एक्टिविटी के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कराने शुरू कर दिए हैं। मंत्री जी अफसरों को ठीक काम करने की हिदायत देते हुए वायरल हुए। इसके बाद मंत्री जी ने राजधानी में वाहन चेकिंग कर रहे ट्रैफिक पुलिस के जवानों को अपनी स्टाइल में समझाया। अब पुलिस महकमे के लोग कह रहे हैं कि मंत्री जी सरकार में हैं और सरकार से चेकिंग बंद करने के आदेश करवा दें, तो इसकी जरूरत ही नहीं पडे़गी। वैसे मंत्री जी की पुलिस से पुरानी अदावत है।
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