कमलनाथ ने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ा डॉ गोविन्द सिंह बनाये गए नेता प्रतिपक्ष

अनुराग उपाध्याय
कांग्रेस में बढ़ी दिग्विजय सिंह की ताकतकमलनाथ अब सिर्फ एमपीसीसी के अध्यक्ष
गोविन्द बोले सुर्खाब के पर नहीं लग गएभाजपा ने कहा कांग्रेस के बुरे दिन शुरू

विधानसभा की कार्यवाही को बकवास करार देने के बाद आखिरकार कमलनाथ ने  नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ दिया है | अब वे मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में काम करते रहेंगे | कमलनाथ के बकवास के बाद से उन पर चौतरफा दबाव था | विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम भी उन पर कार्यवाही किये जाने का संकेत दे चुके हैं | ऐसे में कांग्रेस ने कमलनाथ को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा के डॉ गोविन्द सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाया है | अंदर की खबर ये भी है कि यह सब कमलनाथ की सहमति से हुआ हैं |   
बड़े लम्बे समय से चर्चा थी कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष में से एक पद छोड़ना पडेगा | विपक्ष भी इस मसले पर लगातार कमलनाथ पर हमला बोल रहा था | प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने तो सार्वजानिक तौर पर कांग्रेस से कहा था कि पूर्व मंत्री ,वरिष्ठ विधायक हमारी साथी डॉ गोविन्द सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए | उसके बाद गोविन्द सिंह ने भी कहा था नरोत्तम मिश्रा जैसे दोस्त हों तो फिर दुश्मन की जरुरत क्या है | लेकिन अब ऐसा लगता है कांग्रेस ने डॉ नरोत्तम मिश्रा की सुन ली |  पिछले दिनों नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने विधानसभा की कार्यवाही को बकवास करार दिया  था |  तब से भाजपा ने कमलनाथ को घेरने की चौतरफा तैयारी कर ली थी | भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बाकायदा इसकी शिकायत कि और विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने साफ़ कहा कि अगर विधान सभा की कार्यवाही बकवास है तो कमलनाथ को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए |
अब नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद डॉ गोविन्द सिंह ने कहा मैं लगातार सरकार की गलत नीतियों का विरोध करता रहा हूं |  अब भी करूंगा  | नेता प्रतिपक्ष बनने से कोई सुर्खाब के पर नहीं लग गए हैं |  गोविन्द सिंह कांग्रेस के सीनियर विधायक हैं | समाजवादी राजनीति से कांग्रेस तक उनको लंबा तजुर्बा  है | लेकिन उनके ताजा बयान से ऐसा लगा कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद भी बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं | गोविन्द सिंह को कांग्रेस में दिग्विजय सिंह कैम्प का नेता माना जाता है | गोविन्द सिंह के नेता प्रतिपक्ष बनने से मध्यप्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय सिंह खेमा फिर मजबूत हो रहा हैं |
डॉ  गोविन्द  सिंह को को राजनीती और खासकर संसदीय राजनीति और ज्ञान का लंबा तजुर्बा है और इसका लाभ भी विधानसभा में कांग्रेस को मिलेगा | बिखरी हुई कांग्रेस को सदन में एक राय करना  भी गोविन्द सिंह को आता है |  लेकिन गोविन्द सिंह और गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की दोस्ती विधानसभा  में कई नए गुल खिलाएगी | भाजपा ने कांग्रेस आलाकमान को बधाई दी और कहा कि उन्होंने विधानसभा को बकवास कहने वाले को पद से हटा दिया है | ये एक अच्छा निर्णय है | लेकिन कांग्रेस के लिए दिग्विजय सिंह खेमे को ताकत देना कांग्रेस के बुरे दिनों की शुरुवात हैं |
डॉ गोविन्द सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनवा कर  दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस में अपनी ताकत को साबित  करने के साथ ये भी बता दिया है कि वे ही कांग्रेस के बड़े रणनीति कार हैं | इससे पहले वे अपने समर्थक विक्रांत भूरिया को युवा कांग्रेस अध्यक्ष और विभा पटेल को प्रदेश महिला कोंग्रस अध्यक्ष बनवा चुके हैं | यकीनन  कांग्रेस में ये दिग्विजय सिंह की बढ़ती ताकत ही है कि वे  जैसा  चाहते हैं आला कमान को वो फैसला करना पड़ता है | जबकि कांग्रेस के तमाम बड़े नेता | नेता प्रतिपक्ष पर किसी युवा नेता को बैठना चाहते थे | कांग्रेस का कहना है कमलनाथ अब अपना पूरा फोकस  मिशन 2023 पर करंगे | लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि मध्यप्रदेश में  कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जैसे ही सामने आते हैं मतदाता उनके नाम से ही बिधक जाता है | अब कांग्रेस को ये देखना पडेगा कि दिग्विजय की बढ़ती ताकत कहीं कांग्रेस का दम न निकाल दे |

Anurag Upadhyay 28 April 2022

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