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वरिष्ठ पत्रकार दशरथ सिंह परिहार के साथ मारपीट क्रर खुद को सरकारी गुंडा साबित करने वाले श्योपुर एडीएम वीरेंद्र सिंह को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया है। सीएम ने घटना पर नाराजगी जताते हुए एडीएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया है। फिलहाल के लिए वीरेंद्र सिंह को ग्वालियर अटैच कर दिया गया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कई लोगों ने विरोध जताया था।
वरिष्ठ पत्रकार दशरथ सिंह परिहार के साथ हुई मारपीट के विरोध में पत्रकारों का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को स्टेट हैंगर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिला था। पत्रकारों ने सीएम को वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुई घटना की जानकारी देते हुए श्योपुर के एडीएम वीरेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। इस पर सीएम ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए वीरेंद्र सिंह को सस्पेंड करते हुए ग्वालियर अटैच कर दिया है।
मंगलवार को दशरथ सिंह परिहार को उस समय गिरफ्तार करवाया गया, जब वे जिला जनसंपर्क कार्यालय में बैठे थे। परिहार दैनिक भास्कर के श्योपुर ब्यूरोचीफ हैं।एडीएम के गनमैन उन्हें एडीएम के चेंबर में ले गए। वहां एडीएम वीरेंद्र सिंह मौजूद थे। गनमैन ने दशरथ से मारपीट शुरु कर दी। रीडर ने भी दशरथ के साथ मारपीट की।इस बीच पुलिस को बुलवाकर एडीएम ने दशरथ को गिरफ्तार करवा दिया। सूचना मिलने पर कई पत्रकार वहां पहुंचे तो एडीएम ने उन्हें भी धमकी दी कि यदि किसी ने बीच में हस्तक्षेप किया तो उसे भी जेल भिजवा दूंगा।इसके बाद में एडीएम ने दशरथ सिंह को जेल भिजवा दिया गया। उनसे मिलने जेल पहुंचे पत्रकारों ने बताया कि उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। उनके कपड़े भी मारपीट में फट गए थे।पत्रकारों ने उनकी जमानत लेने का प्रयास किया था लेकिन एडीएम के इशारे पर उनकी जमानत भी नहीं हो सकी। जेल में हालत बिगड़ने पर पत्रकारों की मांग पर दशरथ सिंह को इलाज के लिए देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना की प्रदेश के पत्रकार संगठनों ने निंदा की हैं। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया था।
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