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रीवा के लोग हैं सरकार से खासे नाराज
मध्यप्रदेश रीवा जिले में पिछले 12 घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान आ गए हैं। इसके चलते अनेक गांव का संपर्क टूट गया है। कलेक्टर ने बारिश के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
बारिश के चलते टमस, बेलन, महान, उड्डा, बिछिया, बीहर, निपनिया के पुल डूब गए हैं। शहर के सात वार्डों में पानी भरने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सोहागी पहाड़ पर जाम लगने से रीवा-इलाहाबाद मार्ग बंद हो गया है। त्यौथर के 72 गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है।18 साल बीजेपी का मेयर, रीवा को आखिर मिला क्या....?
इस बारिश के बाद बने हालातों पर कृष्णमोहन मिश्र ने कहा पानी तो तब तक गिरेगा जब तक लोग घरो से निकलकर सडकों पर नहीँ आएंगे। और ये नही पूछेगे की 18 साल से बीजेपी का मेयर और 13 साल से बीजेपी सरकार है इसने क्या किया।बारिश तो हर बरस होती है , विकास का क्या हुआ ।सबसे बड़ा सवाल, आखिर रीवा डुबोया किसने। निगम प्रशासन, मेयर,या फिर मंत्री के कथित विकास ने। सवाल यह है कि रीवा को कैसा विकास चाहिए। जेब भरने वाला। दिखाने वाला अथवा जरूरत पूरी करने वाला। मंत्री को तो जनता की राय लेकर विकास का ईटा रखना चाहिए था। न सपना मुक्कम्मल हुआ और न ही जरूरते पूरी हुयी।
रीवा के लोग सवाल कर रहे हैं लोग डूब कर मर जायेंगे, घरो में पानी भरा है, क्या फ्लाई ओवर में आकर डेरा जमा ले या समदड़िया जो बना रहा है वहां रूक जाये। आखिर वोट देने वाले कहाँ जाये। अमहिया सरकार ,इस शहर को आखिर दी क्या ? अब तो रीवा वालों को सोचना होगा। अभी मरे नहीँ हो, डूबे भी नहीँ हो, सिर्फ दहशतज़दा हो। एक बीजेपी नेता ,मंत्री के आदमी कहते है, कुछ नहीँ सिर्फ पानी गिर रहा है, पानी निकासी नहीँ है,बाक़ी सब खैरियत है। यह कितना सच है जनता ही जानें।
रामसिया तिवारी कह रहे हैं अभी तक मंत्री का बयान नही आया, आखिर वो चाहते क्या है ? कार के अंदर से नही दिखेगा घरों में पानी कितना घुसा है। कभी पानी की ज़मी पर चल कर देखो साहेब,तब जानोगे ज़िन्दगी क्या होती है और कथित विकास की सच्चाई शहर मे कितनी जमीनी है, वाकई ग्रामीण अचलो की कल्पना की जा सकती है ।
एसडीएम त्यौथर माला त्रिपाठी व तहसीलदार रामबाबू देवांगन क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ का मुआयना कर रहे हैं। राजस्व की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रही है। ऊसरगांव चारों ओर से पानी से घिर गया है। चदई गांव के कई घरों में पानी घुस गया है। पुल से लगभग 10 फीट पानी है।
जिले में हो रही भारी वर्षा के मद्देनजर कलेक्टर राहुल जैन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के सभी स्कूलों में 16 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर ने संबंधित स्कूलों के शिक्षकों को निर्देशित किया है कि यदि कहीं भी स्कूल लग गये हों तो वह वहां के विद्यार्थियों को सुरक्षित घरों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
सतना जिले के बिरसिंहपुर में पिछले 36 घंटे से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते बिरसिंहपुर से सेमरिया मार्ग पर बना पुल डूब गया है। पुल से 7 फीट ऊंचाई पर पानी का बहाव बना हुआ है। रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका है। सतना जिले के नागोद थाना में घुटनों तक पानी भर गया है। मझगवां से पहाड़ीखेरा मार्ग बंद हो गया है। उधर चित्रकूट इलाके में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से मंदाकिनी में बाढ़ आ गई है, रामघाट में लगभग 75 दुकानें डूब गईं हैं।
महाकोशल के जबलपुर, डिंडौरी, कटनी सहित विंध्य के सीधी, सिंगरौली में झमाझम बारिश हो रही है। बुंदेलखंड के दमोह में भी पिछले 12 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिससे नदी नाले उफान पर हैं।
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