ओबामा ने कहा...काम अभी ख़त्म नहीं हुआ
ओबामा ने कहा...काम अभी ख़त्म नहीं हुआ
बहुत-बहुत आभार,अपनी नियति के निर्धारण का अधिकार हासिल करने के दो सौ साल से भी अधिक समय बाद अपने देश को हर तरह से परिपूर्ण करने की दिशा में आज रात फिर हम कुछ कदम आगे बढ़े हैं। यह सिर्फ आपके कारण संभव हुआ है, क्योंकि आपने उस भावना को फिर से मजबूत किया है जिसने युद्ध और तनाव पर हमें जीत दिलाई। यही वह जज्बा है जिसने हमारे देश को हताशा के बीच उम्मीद की नई ऊंचाइयां दिखाई हैं। यही वह भावना है कि हम सभी एक अमेरिकी परिवार हैं और हम एक राष्ट्र राच्य या एक व्यक्ति के तौर पर साथ-साथ उठेंगे।आज की रात आपने याद दिला दिया कि चाहे डगर कितनी ही कठिन क्यों न हो, मंजिल कितनी ही दूर क्यों न हो, हम तमाम बाधाओं से लड़कर यहां पहुंचे और हम जानते हैं कि बेहतर अमेरिका सामने है। मैं तहेदिल से पूरे अमेरिका का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसने अपने दिल की आवाज सुनी और नई सुबह में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। मैं मिट रोमनी और उनके परिवार के साथ अपने चार साल के साथी जो बिडेन का भी शुक्रिया अदा करता हूं। और उस महिला का जिसके बिना आज मैं जो कुछ भी हूं, नहीं होता। मिशेल, जो 20 साल पहले मुझसे शादी करने को राजी हुई। आप लोगों में से कुछ शुरू से मेरे साथ होंगे, तो कुछ पिछले दिनों ही मेरे साथ आए होंगे, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम सभी एक परिवार हैं। मैं आप सभी का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया। मैं जानता हूं कि राजनीतिक प्रचार बड़े ओछे और कभी-कभी मूर्खतापूर्ण भी लगते हैं और इसी से धारणा बन जाती है कि राजनीति सिवाय अहं की लड़ाई के और कुछ भी नहीं। लेकिन यदि आप जमीन से जुड़े लोगों को देर रात तक काम करते देखेंगे, उन लोगों को देखेंगे जो कॉलेज से हमारी रैली में उमड़कर आए तो आपको राजनीति कुछ और नजर आएगी। आपको उस युवा की आवाज में वह दृढ़ इच्छाशक्तिदिखेगी जो हर बच्चे के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना चाहता है। आप एक स्वयंसेवी की आवाज में उस गर्व को महसूस करेंगे जो घर-घर जा रहा है, क्योंकि पड़ोस के प्लांट में उसके भाई को नौकरी मिल गई है। आप उस सैनिक की पत्नी की आवाज में राष्ट्रप्रेम महसूस करेंगे, जो देश की सेवा में लगा है ताकि किसी भी बच्चे के सिर से कभी छत न हटे।राजनीति यही है। चुनाव इसीलिए होते हैं। जब हम कठिन दौर से गुजर रहे होते हैं, जब एक राष्ट्र के तौर पर बड़े फैसले कर रहे होते हैं तो विवाद भी होते हैं। यह आज की रात के बाद भी बदलने वाला नहीं है और बदलना भी नहीं चाहिए। सभी का अपना-अपना मत होता है, लेकिन तमाम मत विभाजन के बाद भी हमें बेहतर अमेरिका की उम्मीद है-ऐसा अमेरिका जहां हमारे बच्चों को सबसे अच्छे स्कूल मिलें, जो तकनीक में दुनिया का अगुआ रहे, सभी के लिए अच्छी नौकरियां हों, नई संभावनाएं हों। ऐसा अमेरिका जो हमारे बच्चों के लिए विरासत में कर्ज न छोड़े, जिसमें असमानता न हो, जो इस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े कि वह दुनिया के हर इंसान को आजादी और सम्मान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। ऐसा अमेरिका जो उस प्रवासी की बेटी का हर सपना पूरा करे जो हमारे स्कूलों में पढ़ती है।हमारी अर्थव्यवस्था सुधर रही है। एक दशक पुराना युद्ध समाप्ति की ओर है। एक लंबा अभियान अब खत्म हो चुका है। मैंने आपका मत हासिल किया हो या नहीं, लेकिन मैंने आपको सुना है। आपसे सीखा है और आपने मुझे अब एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया है। आपकी कहानियों और संघर्ष को सुनने के बाद मैं कहीं अधिक प्रतिबद्धता और प्रेरणा से व्हाइट हाउस लौट रहा हूं। आपने काम करने के लिए मतदान किया है, न कि राजनीति के लिए। आपने हमें चुना है कि हम आपकी नौकरियों पर ध्यान दें, न कि अपनी। आने वाले सप्ताहों और महीनों में मैं दोनों दलों के नेताओं के साथ मिलकर काम करने की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा हूं ताकि हम चुनौतियों का मिलकर मुकाबला कर सकें।आपका काम अभी खत्म नहीं हुआ है। हमारे लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका मतदान करते ही समाप्त नहीं हो जाती। अमेरिका, अमेरिका नहीं होता यदि हम यह सोचते कि हमारे लिए क्या किया जा सकता है, बल्कि यह इसलिए ऐसा है, क्योंकि हमने यह सोचा कि हम मिलकर क्या कर सकते हैं? हमारे पास किसी भी देश की तुलना में अधिक संपदा है, लेकिन केवल इससे हम धनी नहीं हो जाते। अमेरिका को जो चीज असाधारण बनाती है वह है एक ऐसा बंधन जो इतनी विभिन्नताओं के बावजूद हमें एक रखता है। जिस आजादी के लिए इतने सारे अमेरिकियों ने संघर्ष किया और अपनी जान दी वह अपने साथ अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारी भी लाई है। मैं आज आशान्वित हूं, क्योंकि मैंने अमेरिका में शानदार भावना देखी है। मैंने घरेलू व्यवसाय में देखा है कि मालिक किस तरह अपने वेतन में कटौती पसंद करेगा, न कि लोगों को काम से निकालना। इसी तरह कर्मचारी अपने साथी की नौकरी गंवाने की अपेक्षा अपना कुछ नुकसान कराने के लिए तैयार हैं। मैंने न्यूजर्सी और न्यूयार्क में देखा है कि हर दल के नेता अपने मतभेदों को किनारे रखकर भयानक तूफान के बाद स्थितियों को संभालने और लोगों की मदद करने में लगे थे। ओहायो में एक पिता ने अपनी आठ साल की बेटी की कहानी सुनाई जो ल्यूकेमिया से पीड़ित थी। इस बीमारी से लड़ने में उसका पूरा परिवार अपना सब कुछ गंवाने वाला था, लेकिन हेल्थकेयर रिफार्म ने उसे बचा लिया। मैंने केवल उस लड़की के पिता को ही नहीं सुना, बल्कि उसकी असाधारण बेटी से भी मिला। जब वह अपनी बेटी की कहानी सुना रहे थे तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू थे। हर कोई उसे अपनी बेटी मान रहा था। मुझे पता है कि हर अमेरिकी चाहता है कि उस लड़की का भविष्य उज्जवल हो। यही वह भावना है जो हमें खास बनाती है। मुझे अपने इसी देश पर गर्व है और खुशी है कि मैं एक बार फिर इसका नेतृत्व करने जा रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हम अपनी अब तक की प्रगति के आधार पर आगे बढ़ सकते हैं और नई नौकरियों के लिए अपने संघर्ष को जारी रख सकते हैं। अगर आप कठिन परिश्रम के लिए तैयार हैं तो इसका कोई मतलब नहीं कि आप क्या हैं, कहां से आए हैं और आप क्या चाहते हैं? अगर आप कोशिश करने के लिए तैयार हैं तो अमेरिका में अपनी जगह बना सकते हैं।धन्यवाद अमेरिका, ईश्वर इस देश की और आपकी रक्षा करें।[विजयी होने के बाद बराक ओबामा द्वारा दिए गए भाषण का संपादित अंश]
Dakhal News 22 April 2016

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