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राजनीतिक रिपोर्टर बना मीडिया मालिक
राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार ऋषि पांडे पॉलीटिकल रिपोर्टर से अब मीडिया हाउस के मालिक की भूमिका में हैं। अलग अंदाज की पत्रकारिता के लिए ऋषि पांडे ने बिग-टॉक नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया है। बिग-टॉक पत्रिका का पांचवा अंक बाजार में है।
श्री पांडे की पत्रकारीय पहचान प्रदेश के एक बेहतरीन पॉलीटिकल रिपोर्टर (राजनीतिक संवाददाता) की रही है। यदि उनकी शुरुआती पत्रकारिता को छोड़ दें, तो उन्होंने ज्यादातर समय सिर्फ पॉलीटिकल रिपोर्टिंग की या राजनीतिक खबरें ही लिखी हंै। 1990 के दशक में अखबारों में साप्ताहिक राजनीतिक डायरी प्रकाशन का एक अलग क्रेज था। किसी प्रतिष्ठित समाचार-पत्र में राजनीतिक डायरी न जाए, ऐसा हो नहीं सकता था।
श्री पांडे और दैनिक जागरण की कैमिस्ट्री इतनी मिलती थी कि उन्होंने कोई पंद्रह सालों तक दैनिक जागरण में अलग-अलग समय में पत्रकारिता की। उनकी लिखी साप्ताहिक राजनीतिक डायरी परत-दर-परत कई सालों तक अखबार का अहम हिस्सा रही। श्री पांडे की राजनीतिक डायरी में पक्ष-विपक्षी पार्टियों के काम का मूल्यांकन इतना सटीक और प्रमाणिक होता था कि, राजनेता और रणनीतिकार, राजनीतिक-डायरी पढऩे पूरे सप्ताह तक इंतजार करते थे। धार में पढ़े-लिखे और जन्मे ऋषि ने चाचा महेश पांडे, जो कि कई सालों तक जनसत्ता के मप्र ब्यूरो रहे, की प्रेरणा से वर्ष 1987 में दैनिक जागरण, भोपाल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद श्री पांडे ने चौथा संसार, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक भास्कर, राष्ट्रीय दैनिक जागरण और पत्रिका में अलग-अलग हैसियत से काम किया। पत्रकारिता में आदर्श राजनीतिक रिपोर्टिंग के प्रतिमान स्थापित किए।
इस बीच नईदुनिया, ग्वालियर में संपादक और बीबीसी के मप्र-छग ब्यूरो के तौर पर भी काम किया। ऋषि को बेहतरीन राजनीतिक रिपोर्टिंग के लिए सत्यनारायण श्रीवास्तव पुरस्कार और सप्रे संग्रहालय का जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी सहित कई सम्मान-पुरस्कार भी मिल चुके हैं। साइंस में स्नातक ऋषि को पत्रकारिता के साथ शास्त्रीय गीत-संगीत (क्लासिकल म्युजिक) का भी शौक है। इसके लिए उन्होंने बाकायदा क्लासिकल म्युजिक की पढ़ाई की। हालांकि वे संगीत में पेशेवर नहीं हैं। वे कहते हैं कि पत्रकारिता जीविका चलाने और लोकसेवा का साधन है, तो शास्त्रीय संगीत आत्मा का आनंद है। उनका कहना है कि आज पत्रकारिता चुनौती पूर्ण हो गई। सब तरफ प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे में अपने को विषय विशेषज्ञता के साथ अपडेट रखते हुए काम करना जरूरी हो गया है
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