शिवअनुराग पटेरिया की दो और किताबें
shiv anurag pateriya

 

 

भोपाल के पत्रकार शिवअनुराग पटेरिया जितने शानदार पत्रकार हैं उतने ही मकबूल वे लेखक भी हैं। पटेरिया की दो और किताबे बाजार में आ रही हैं। उनकी किताब आने पर मध्यप्रदेश के प्रमुख सांध्य दैनिक प्रदेश टुडे के कॉलम ''सूरमा की फेंक '' में उन पर लिखा है। खालिस भोपाली अंदाज में उन पर कलम चलाई गई है। 

सूरमा ने लिखा है है -शिवअनुराग पटेरिया। एक ऐसे सहाफी जो खुद तो कम बोलते हैं, लेकिन उनका हुनर ज्यादा नुमायां होता है। सूबे की पत्रकारिता में तो उनका अलग ही मुकाम हेगा। मियां खां ऐसे जर्नलिस्ट हें जो खाली समय में या तो पढ़ते है या फिर लिखने में मशगूल रहते है। बेशक पटैरिया जी बुंदेलखंड के हैं लेकिन वहां के ठसक भरे मिजाज के बरक्स इनकी खुशअखलाकी से सभी मुतआस्सिर हैं। अभी तक कोई अट्ठाइस-तीस किताबें लिख चुके जनाब की दो और किताबें भोत जल्दी मंजरे आम पे आने वाली हैं। इनमें एक है ‘मप्र की जल निधियां’ और दूसरी है ‘मप्र की गौरवशाली जल परंपरा’। पहली किताब में सूबे के सभी नदी, तालाब, बावड़ियों वगैरह की फुल डिटेल है तो दूसरी किताब में भोपाल के तीन तालाब, जबलपुर में रानी कमलापति के बनवाए गए तमाम तालाबों सहित वाटर बॉडीज का दिलचस्प खाका खींचा गया है। ये किताबें हमें बताएंगी के हमारे सूबे में 207 नदियां और 45 हजार तालाब हैं। बेशक ये किताबें रिसर्च कर रहे नौजवानों के लिए किसी रिफरेंस बुक से कम नहीं होंगी। इनके अलावा ‘बुंदेलखंड’ उनवान से लिखी गई इनकी एक किताब का दूसरा एडिशन भी जल्द आ रहा है। भाई मियां 6 संदर्भ ग्रंथ सहित दर्जनों किताबें लिख चुके हैं। इस नायाब काम के लिए पटैरिया जी को भोत-भोत मुबारकबाद।

Dakhal News 11 October 2016

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