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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले करीब 20 दिनों से पोर्टल में तकनीकी समस्या और पुराने हितग्राहियों का रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण मरीजों के इलाज की मंजूरी अटक रही है। योजना के तहत पात्र लोगों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलनी है, लेकिन पोर्टल की गड़बड़ी के चलते कई मरीजों को अपनी जेब से इलाज का खर्च उठाना पड़ रहा है। जिले के सरकारी और 19 निजी अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं।
मरीजों के परिजनों के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पोर्टल पर नाम नहीं दिखने और बीमा कंपनी से मंजूरी नहीं मिलने के कारण नगद भुगतान करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी क्लेम की स्वीकृति का इंतजार करना पड़ा। तकनीकी समस्या का असर नए आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी पड़ा है। जिले में कुल 8 लाख 51 हजार 555 लोगों के कार्ड बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 8 लाख 8 हजार 908 कार्ड बन चुके हैं। अभी 42 हजार 647 लोगों के कार्ड बनना बाकी हैं।
जांच में सामने आया कि नए डेटा में अलग मेंबर आईडी जनरेट होने के कारण पुराने कार्डधारियों की पहचान में दिक्कत आ रही है। आधार या राशन कार्ड नंबर से रिकॉर्ड खोजने पर पोर्टल पर ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ दिखाई दे रहा है, जिससे मरीजों का सत्यापन और इलाज की मंजूरी प्रभावित हो रही है। धमतरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके टोंडर के मुताबिक, आयुष्मान पोर्टल में सर्वर डाउन की समस्या आ रही है और इसके समाधान के लिए उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। फिलहाल मरीजों को योजना का लाभ दिलाने के लिए पोर्टल की तकनीकी खामी दूर करना जरूरी है।
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