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दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक हलचल के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारी को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, लोगों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका वाले करीब 300 सोशल मीडिया पोस्ट हटाए गए हैं। पुलिस अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी कर रही है, ताकि गलत खबरों और भड़काऊ सामग्री को फैलने से रोका जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर, तस्वीर या वीडियो को बिना पुष्टि किए सोशल मीडिया पर साझा न करें।
पुलिस के मुताबिक, कुछ मामलों में पुराने वीडियो, दूसरे राज्यों की घटनाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए वीडियो को इस तरह साझा किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच भ्रम या तनाव पैदा हो सकता है। ऐसे कंटेंट को वर्तमान घटना से जोड़कर पेश करने से गलतफहमी फैलने की आशंका रहती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि जानबूझकर गलत या अपुष्ट जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी भी पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी तारीख, स्थान और विश्वसनीय स्रोत की जांच करना जरूरी है।
दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई। ऐसे माहौल में अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से जानकारी साझा करना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।
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