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अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने स्टारलिंक को भारत में लाइसेंस मिलने में हो रही देरी को लेकर जारी बहस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ओह! यह तो चुभ गया होगा।” कंगना ने हासन की टिप्पणी को तीखा और व्यंग्यात्मक बताया। दरअसल, कमल हासन ने अपने बयान में कहा था कि भारत एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश है और अपनी नीतियां तय करने का अधिकार भारतीय जनता के पास है, किसी अरबपति के पास नहीं। उनका यह बयान स्टारलिंक के संस्थापक इलॉन मस्क की ओर से भारत में कंपनी को मंजूरी मिलने में देरी पर सवाल उठाए जाने के बाद आया।
इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से अधिक देशों में सेवाएं देने की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन भारत में लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या बड़े कारोबारी समूह कंपनी की भारत में एंट्री में बाधा बन रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मस्क की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिस पर मस्क ने स्थिति को परेशान करने वाला बताया। दूसरी ओर, भारत सरकार ने कारोबारियों के हितों के आधार पर भेदभाव किए जाने के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए सुरक्षा से जुड़े नियम सभी कंपनियों पर समान रूप से लागू होते हैं।
भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी के तहत स्टारलिंक ने कथित तौर पर 20 गेटवे साइट्स स्थापित की हैं, जहां एंटीना के जरिए सैटेलाइट नेटवर्क को जमीन पर मौजूद इंटरनेट व्यवस्था से जोड़ा जाना है। कंपनी ने रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ शुरुआती समझौता ज्ञापन भी किए हैं। इसके अलावा, महाराष्ट्र, गुजरात और मेघालय सरकारों के साथ लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल, भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सुरक्षा समीक्षा और सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। आवश्यक अनुमति और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही कंपनी अपनी सेवाएं शुरू कर सकेगी।
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