भोपाल में 12 किमी का रोलर-कोस्टर कॉरिडोर, गाड़ियों को बार-बार चढ़ना-उतरना होगा
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भोपाल में प्रभात चौराहे से मिसरोद तक का करीब 12 किलोमीटर लंबा मार्ग लगातार ऊंचाई और ढलान के कारण वाहन चालकों के लिए रोलर-कोस्टर जैसा अनुभव देने जा रहा है। इस रास्ते पर पहले से बने सुभाष ब्रिज, डॉ. अंबेडकर ब्रिज और वीर सावरकर ब्रिज के बाद अब बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) से मिसरोद तक पांच किलोमीटर लंबी नई एलिवेटेड लेन बनाने की तैयारी है। इस परियोजना को केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है और नए साल में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इसके बनने के बाद इस मार्ग पर चार बड़े ब्रिज हो जाएंगे। हालांकि, अलग-अलग हिस्सों में बने इन ब्रिजों के कारण वाहन चालकों को बार-बार ऊपर चढ़ना और नीचे उतरना पड़ता है, जिससे यातायात की गति प्रभावित होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सभी ब्रिजों को एकीकृत योजना के तहत आपस में जोड़ दिया जाए, तो इस मार्ग को सिग्नल-फ्री और अधिक सुगम कॉरिडोर बनाया जा सकता है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर अब्दुल मजीद के अनुसार, सुभाष ब्रिज से मिसरोद तक का हिस्सा भोपाल की व्यस्त यातायात लाइफलाइन बन रहा है। फिलहाल अलग-अलग एजेंसियों की ओर से बनाए गए ब्रिजों के बीच सड़क पर उतरने वाले वाहनों का सामना स्थानीय ट्रैफिक से होता है। गणेश मंदिर और गायत्री मंदिर के आसपास यह स्थिति यातायात के प्रवाह को प्रभावित कर सकती है। करीब 12 किलोमीटर के इस मार्ग में प्रस्तावित और मौजूदा ब्रिजों की कुल लंबाई लगभग 9.70 किलोमीटर बताई गई है। ऐसे में ब्रिजों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करना जरूरी माना जा रहा है।

स्ट्रक्चरल इंजीनियर शैलेंद्र बागरे के मुताबिक, बीयू से मिसरोद तक प्रस्तावित एलिवेटेड लेन को वीर सावरकर ब्रिज के अंतिम हिस्से से सीधे जोड़ने के लिए निर्बाध रैंप बनाया जा सकता है। इससे वाहनों को बार-बार मुख्य सड़क पर उतरने की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, जहां एक ब्रिज समाप्त होकर दूसरा शुरू होता है, वहां 100 से 150 मीटर लंबी अलग बफर लेन बनाने का सुझाव दिया गया है, ताकि स्थानीय और हाईवे ट्रैफिक के बीच टकराव की स्थिति न बने। विशेषज्ञों ने पूरे मार्ग के रखरखाव और ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को देने की जरूरत भी बताई है। इन उपायों पर अमल होने से इस व्यस्त मार्ग पर यातायात को अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है। 

 

Dakhal News 10 October 2026

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