INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर संजय राउत का बड़ा आरोप
 Sanjay Raut makes a major allegation regarding the INDIA alliance

 

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन के सांसदों के मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने जा रहे निर्वाचित सांसदों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। राउत का दावा है कि प्रदर्शन को रोकने के लिए करीब 1.5 लाख सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने संसद मार्ग के पास मार्च रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने धरना दिया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।

संजय राउत ने कहा कि बड़ी संख्या में सांसद चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से अधिकृत प्रतिनिधियों के जरिए मुलाकात का अनुरोध नहीं मिला था। आयोग के मुताबिक, बाद में दिल्ली पुलिस से राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने यह भी कहा कि करीब 240 सांसदों के साथ संसद भवन एनेक्सी में मुलाकात का प्रस्ताव निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था। इस तरह प्रदर्शन और मुलाकात को लेकर विपक्ष तथा चुनाव आयोग के पक्ष सामने आए हैं।

राउत ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष सवाल उठा रहा है और इस लड़ाई को देशभर में आगे बढ़ाया जाएगा। राउत ने यह भी कहा कि राहुल गांधी अपने निर्धारित कार्यक्रम के कारण मुंबई लौटे हैं और आगे फिर दिल्ली आ सकते हैं। महिला सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार और भारी सुरक्षा बल की तैनाती को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अहम होगी। वहीं, चुनाव आयोग ने सांसदों से मुलाकात के अनुरोध को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

 

Dakhal News 9 October 2026

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