रजिस्ट्री के बाद नामांतरण नहीं कराया तो मिलेगा अलर्ट, मध्यप्रदेश में नई व्यवस्था लागू
मध्यप्रदेश में जमीन और मकान से जुड़े विवाद कम करने के लिए रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया को आपस में जोड़ा जा रहा है। इसके तहत संपदा और साइबर तहसील पोर्टल को एकीकृत किया जाएगा। अब यदि कोई व्यक्ति संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण (दाखिल-खारिज) नहीं कराता है, तो उसके मोबाइल पर अलर्ट संदेश भेजकर प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य राजस्व रिकॉर्ड को समय पर अपडेट करना और संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना है।
फिलहाल रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है और केवल करीब 30 प्रतिशत लोग ही यह प्रक्रिया पूरी करते हैं। नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के आधार पर संबंधित व्यक्ति को स्वतः सूचना भेजी जाएगी, जिससे नामांतरण की प्रक्रिया आसान और तेज होगी। नामांतरण के जरिए सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज होता है, जिससे संपत्ति पर कानूनी अधिकार स्थापित होता है, कर भुगतान में सुविधा मिलती है और भविष्य में धोखाधड़ी या स्वामित्व विवाद की संभावना भी कम होती है।