Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारत ने रेलवे तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन को संचालन की मंजूरी मिल गई है। यह आधुनिक ट्रेन हरियाणा के जिंद-सोनीपत रूट पर चलाई जाएगी। 10 कोच वाली यह DEMU ट्रेन डीजल या पारंपरिक बिजली के बजाय हाइड्रोजन तकनीक से संचालित होगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और रेलवे को ग्रीन एनर्जी की दिशा में बड़ी मजबूती मिलेगी। रेलवे मंत्रालय ने इसे भारत के पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सिस्टम की ओर बड़ा कदम बताया है।
इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि इसकी कुल पावर क्षमता 1200 किलोवॉट रखी गई है। इसमें डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक (DPRS) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरी ट्रेन में संतुलित ऊर्जा वितरण होता है और संचालन अधिक सुरक्षित व स्थिर बनता है। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO), कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CCRS) और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) की तकनीकी जांच और सुरक्षा मंजूरी के बाद रेलवे बोर्ड ने इसे हरी झंडी दी है।
रेल मंत्रालय ने साफ किया है कि ट्रेन का नियमित संचालन सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही शुरू होगा। ट्रेन का रखरखाव दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में किया जाएगा। सुरक्षा को देखते हुए हाइड्रोजन सिस्टम की नियमित मॉनिटरिंग, सेंसर सफाई और लीकेज डिटेक्शन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना भविष्य में देशभर में ग्रीन ट्रेनों के विस्तार का आधार बनेगी और भारतीय रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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