Patrakar Priyanshi Chaturvedi
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध बुरहानपुर अब औद्योगिक विकास की नई उड़ान भरने जा रहा है। टेक्सटाइल और केला उद्योग के लिए पहचान रखने वाले इस शहर में करीब 1000 करोड़ रुपए के निवेश का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। आने वाले पांच वर्षों में यहां 12 हजार से ज्यादा नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के उद्योगपति भी बुरहानपुर में निवेश को लेकर रुचि दिखा रहे हैं। जिले में 45 हजार पावरलूम, 5 हजार आधुनिक लूम और करीब एक लाख लोग टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े हुए हैं, जिससे बुरहानपुर प्रदेश के सबसे बड़े कपड़ा उद्योग केंद्र के रूप में उभर रहा है।
बुरहानपुर का विकास केवल टेक्सटाइल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि केला उद्योग, पर्यटन और ट्रांसपोर्टेशन भी इसकी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देंगे। जिले में एक्सपोर्ट जोन, स्पिनिंग मिल, रेडीमेड गारमेंट और अपेरल सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी है। वहीं फोरलेन सड़क, नई रेलवे लाइन और प्रस्तावित मिनी एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। ताप्ती नदी, ऐतिहासिक धरोहरों और आसपास मौजूद अजंता, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे धार्मिक-पर्यटन स्थलों से जुड़ाव बुरहानपुर को बड़ा टूरिज्म हब भी बना सकता है।
प्रशासन और उद्योग जगत का मानना है कि आने वाले समय में बुरहानपुर मध्यप्रदेश के बड़े आर्थिक केंद्रों में शामिल होगा। जिला प्रशासन के अनुसार टेक्सटाइल आधुनिकीकरण, पर्यटन विकास और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से शहर की तस्वीर बदलने वाली है। हालांकि नई टाउनशिप और रियल एस्टेट नीतियों का असर छोटे डेवलपर्स और एफॉर्डेबल हाउसिंग पर पड़ सकता है, लेकिन सरकार का दावा है कि नई साधिकार समितियों और योजनाओं से सुव्यवस्थित औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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