Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Supreme Court of India ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में स्पष्ट किया है कि मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि वैधानिक अधिकार हैं। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि ये अधिकार केवल उतनी ही सीमा तक मान्य हैं, जितनी कानून में अनुमति दी गई है।
अदालत ने अपने पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि वोट देने का अधिकार नागरिक को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की सुविधा देता है, जबकि चुनाव लड़ने का अधिकार एक अलग कानूनी प्रावधान है, जो योग्यता, पात्रता और अयोग्यता की शर्तों के अधीन होता है। कोर्ट के अनुसार, लोकतंत्र में इन अधिकारों को कानून द्वारा नियंत्रित किया जाना जरूरी है ताकि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और योग्य उम्मीदवारों तक सीमित रहे।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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