भोपाल का बड़ा तालाब 31 से घटकर 9 किमी पर सिमटा, सांसद आलोक शर्मा भड़के
भोपाल के बड़ा तालाब संरक्षण को लेकर सोमवार को हाई-लेवल बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने प्रशासन को तीखे सवाल दागे। बैठक में सामने आया कि 751 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद तालाब अब महज 8-9 किलोमीटर रह गया है, जबकि पहले यह 31 किमी तक फैला था। तालाब किनारे फार्महाउस और पक्के मकानों के अतिक्रमण ने इसकी सीमा को भारी प्रभावित किया। सांसद शर्मा ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह से एनजीटी आदेशों के पालन और अतिक्रमण हटाने के लिए गठित टीम की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
बैठक में नगर निगम, एसडीएम, भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स और क्रेडाई समेत अन्य प्रशासनिक और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए। सांसद शर्मा ने कहा कि वक्फ की संपत्ति को लेकर रोड़ा नहीं डाला जाएगा और तालाब के लिए नए मास्टर प्लान की जरूरत है। उन्होंने तालाब की सेप्ट, केपीएमजी और कुमार एसोसिएट्स की सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और अतिक्रमण हटाकर किनारे विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक ने तालाब और नदियों के संरक्षण के चार प्रस्ताव रखे—ग्रीनबेल्ट सौंदर्यीकरण, ऑल वेदर रोड, जलस्तर नियंत्रण और हेरिटेज टूरिज्म। 1995 से अब तक तालाब पर कुल 751 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन तालाब का क्षेत्र लगातार घटता गया। 30 वर्षों में तालाब का एफटीएल 39.8 वर्ग किमी से घटकर 29.8 वर्ग किमी और अब केवल 8-9 किमी रह गया है, जिसमें 20 हजार पक्षियों की प्रजातियां सालाना देखी जाती हैं।