Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महाराष्ट्र में पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को पवित्र स्थलों के दर्शन कराने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना को शुरुआत में जबरदस्त प्रतिसाद मिला था। राज्यभर से हजारों बुजुर्गों ने आवेदन किए, लेकिन अब बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पड़े होने से योजना पर ब्रेक लगने की चर्चा तेज हो गई है।
जालना जिले के आंकड़े स्थिति की गंभीरता दिखाते हैं। यहां 5,722 बुजुर्गों ने आवेदन किया था, लेकिन केवल 929 आवेदनों को मंजूरी मिल सकी है, जबकि हजारों आवेदन अब भी प्रक्रिया में अटके हैं। जिन लाभार्थियों को स्वीकृति मिल चुकी है, वे भी यात्रा के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। ऐसी ही स्थिति अन्य जिलों में भी बताई जा रही है, जिससे बुजुर्गों में निराशा बढ़ रही है।
विपक्ष का आरोप है कि शिंदे सरकार के समय शुरू की गई योजनाओं को मौजूदा सरकार ठंडे बस्ते में डाल रही है। महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में यह मुद्दा गूंजने की संभावना है और सरकार से जवाब मांगा जा सकता है। अब नजर इस बात पर है कि क्या सरकार योजना को दोबारा गति देगी या फिर हजारों वरिष्ठ नागरिकों का तीर्थ यात्रा का सपना अधूरा रह जाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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