Patrakar Vandana Singh
केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर नई दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब बड़े सरकारी कार्यक्रमों और औपचारिक आयोजनों में राष्ट्रगान 'जन गण मन' से पहले राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' बजाया या गाया जाएगा। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार राष्ट्रगीत का आधिकारिक छह पदों वाला संस्करण, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है, अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों का सम्मान में खड़ा रहना जरूरी होगा। निर्देश स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों पर भी लागू होंगे, जहां इसे रोजाना प्रार्थना या अन्य जरूरी कार्यक्रमों में बढ़ावा देने को कहा गया है।
नई गाइडलाइन के तहत यह नियम राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रपति के आगमन या भाषण, और अन्य औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों पर अनिवार्य होगा। हालांकि, सिनेमा हॉल को इस नियम से बाहर रखा गया है, यानी फिल्म शुरू होने से पहले वहां 'वंदे मातरम' बजाना और खड़ा होना जरूरी नहीं है। इसके अलावा स्कूलों में डिजिटल और शैक्षणिक कार्यक्रमों के दौरान इसे शामिल कर छात्रों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
'वंदे मातरम' के छह पदों में पहला और दूसरा पद संस्कृत में हैं, जबकि शेष चार पद बंगाली और संस्कृत के मिश्रण में हैं। गीत का भावार्थ देशभक्ति, मातृभूमि के प्रति सम्मान, शक्ति, धर्म, विद्या और समृद्धि की स्तुति करता है। उदाहरण के लिए, पहला पद जल, फल-फूल और हरे-भरे खेतों वाली मातृभूमि के लिए सम्मान व्यक्त करता है, जबकि तीसरा पद मातृभूमि की शक्ति और साहस को नमन करता है। इस तरह, पूरा गीत भारत माता के प्रति श्रद्धा और देशभक्ति की भावना जगाने का काम करता है।
Patrakar Vandana Singh
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