Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) भर्ती में आयु सीमा को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस जय कुमार पिल्लई की एकलपीठ ने कहा कि भर्ती विज्ञापन में निर्धारित पात्रता शर्तों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया के नियम सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होते हैं।
यह याचिका फॉरेस्ट गार्ड विजयेंद्रपाल सिंह अजनारिया ने दायर की थी, जिसमें उन्होंने 50 वर्ष तक आयु सीमा में छूट देने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि वर्ष 2022 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण 2024 की नई भर्ती तक वे अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष पार कर चुके हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाले याचिकाकर्ता 2022 की भर्ती में लिखित परीक्षा पास कर चुके थे और साक्षात्कार के लिए चयनित थे, लेकिन प्रक्रिया सितंबर 2025 तक लंबित रही।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि प्रशासनिक देरी दुर्भाग्यपूर्ण हो सकती है, लेकिन इससे अदालत को भर्ती नियमों में बदलाव या छूट देने का अधिकार नहीं मिल जाता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कटऑफ तिथि पर निर्धारित आयु सीमा का पालन अनिवार्य है। याचिका में उठाए गए उस टकराव का भी उल्लेख हुआ, जिसमें UGC के नियमों के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए अधिकतम आयु सीमा नहीं है, जबकि राज्य सरकारें अपनी भर्ती प्रक्रियाओं में आयु सीमा तय करती हैं, जिससे कई योग्य उम्मीदवार अवसर से वंचित रह जाते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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