Patrakar Priyanshi Chaturvedi
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि धर्म ही उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का संचालन करने वाला मूल सिद्धांत है। सृष्टि के अस्तित्व में आने के साथ ही उसके संचालन के जो नियम बने, वही धर्म कहलाए और आज भी समूची व्यवस्था उन्हीं नियमों के अनुसार चल रही है।
भागवत ने कहा कि भारत को सदियों से संतों और ऋषियों का मार्गदर्शन मिलता रहा है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं किया जा सकता, बल्कि यह कर्तव्य, अनुशासन और प्रकृति के नियमों से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि कोई राज्य भले ही धर्मनिरपेक्ष हो सकता है, लेकिन व्यक्ति और समाज धर्म के बिना नहीं चल सकते।
छत्रपति संभाजीनगर में RSS के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित जनसभा में भागवत ने जातिगत भेदभाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जाति को खत्म करने के लिए उसे मन से मिटाना होगा, क्योंकि शुरुआत में यह काम और पेशे से जुड़ी थी, बाद में भेदभाव का कारण बन गई। उन्होंने बताया कि RSS का उद्देश्य समाज के साथ मिलकर भारत को उसके सर्वोच्च गौरव तक ले जाना है और संघ व्यक्ति के चरित्र निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण का काम करता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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