Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महाकुंभ 2025 से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने आध्यात्मिक मार्ग छोड़ने का भावुक ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि बीता एक साल उनके लिए बेहद कठिन रहा, जहां आस्था से ज्यादा उन्हें शक, आरोप और सवालों का सामना करना पड़ा। प्रयागराज के माघ मेले में मौजूद हर्षा ने कहा कि महाकुंभ से शुरू हुई उनकी यात्रा अब यहीं समाप्त हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत या अनैतिक काम नहीं किया, फिर भी धर्म की राह पर आगे बढ़ते ही उनके इरादों पर उंगली उठाई गई।
हर्षा ने समाज की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी लड़की के चरित्र पर सवाल उठाना सबसे आसान होता है। “मैं सीता नहीं हूं कि हर बार अग्नि परीक्षा दूं,” यह कहते हुए उनका दर्द साफ झलका। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया कि वह धर्म के नाम पर पैसा कमा रही हैं। हर्षा के मुताबिक, सच्चाई यह है कि वह कर्ज में हैं, जबकि कुछ लोग वास्तव में धर्म को धंधा बना चुके हैं। बिना किसी सुरक्षा कवच के उनके बीच खड़े रहना उनके लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ।
हर्षा रिछारिया ने घोषणा की कि मौनी अमावस्या के बाद वह आध्यात्मिक रास्ता छोड़कर अपने पुराने प्रोफेशन में लौटेंगी। भोपाल की रहने वाली हर्षा का करियर मॉडलिंग और एंकरिंग से शुरू हुआ था, जहां उन्हें अच्छी पहचान मिली। बाद में वह आध्यात्म की ओर आकर्षित हुईं और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या भी रहीं। हर्षा का कहना है कि आस्था उनकी निजी यात्रा थी, लेकिन उसे सार्वजनिक बहस बना दिया गया—और यही वजह है कि अब वह जीवन का नया अध्याय शुरू करना चाहती हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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