Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और आज प्रचार थम जाएगा। 15 जनवरी को 29 नगर निगमों में वोटिंग होगी, जिसमें कुल 15 हजार से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। अकेले मुंबई नगर निगम (BMC) में 227 वार्ड हैं, जहां 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वोटों की गिनती 16 जनवरी को होगी। चुनाव से एक दिन पहले सोमवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (UBT) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि मराठी मानुष की दुर्दशा के लिए उनका 25 साल का कार्यकाल जिम्मेदार है।
मुंबई में 32 सीटों पर सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा, जहां BJP-शिंदे शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अब तक 195 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिसमें 143 उम्मीदवार केवल मुंबई के लिए हैं। इस वजह से 32 सीटों पर वोट बंटावारा नहीं होगा, जिससे मुकाबला और सीधा बन गया है।
BMC चुनाव केवल नगर निगम का नहीं बल्कि मुंबई की सत्ता पर पकड़ का सवाल है। एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी BMC का बजट 74,000 करोड़ रुपए है, जो कई राज्यों के बजट से भी बड़ा है। यही कारण है कि भाजपा, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, कांग्रेस, शरद पवार और अजीत पवार सभी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। BMC में जीत महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों के लिए साख का मुद्दा बनी हुई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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