Patrakar Priyanshi Chaturvedi
लोकसभा के शीतकालीन सत्र के 8वें दिन चुनाव सुधार और SIR (Status Inspection Register) पर गर्मागर्म बहस हुई। भाजपा सांसद कंगना रनोट ने कहा कि विपक्ष हर बार ईवीएम हैक होने की बात करता है, लेकिन ये भूल जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “दिलों को हैक करते हैं”। वहीं सपा की डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार SIR के बहाने NRC जैसे कदम लागू करना चाहती है।
मंगलवार को भी लोकसभा में इसी मुद्दे पर चर्चा हुई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर वोट चोरी कर रहे हैं।
राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा जारी रही, जहां कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और स्वतंत्रता आंदोलन के महान नेताओं पर तुष्टिकरण के आरोप लगाना गलत है।
8 दिसंबर को लोकसभा में SIR पर फिर से विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि देश के 12 राज्यों में चल रहा SIR गैरकानूनी है क्योंकि संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि पूरे राज्य में एक साथ SIR कराया जाए। उन्होंने इसे तत्काल रोकने की मांग की।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आरोप लगाया कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर SIR के बहाने गुपचुप तरीके से NRC जैसा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार डिटेंशन सेंटर बनाने की बात कर रही है, जो चिंताजनक है।
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि SIR अब “वोट डिलीट करने का टूल” बन गया है। चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं रखता, फिर भी लाखों वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं और भाजपा इसे उपलब्धि की तरह पेश कर रही है।
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