Patrakar Vandana Singh
भोपाल । मध्य प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय और श्रम कार्य के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों को नगरीय एवं आवास विभाग द्वारा रियायती दर मात्र 5 रुपये में थाली उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में संचालित दीनदयाल रसोई योजना का 3 चरणों में विस्तार किया गया है। योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।
जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 124 नगरीय निकायों में 191 रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 166 स्थायी और 25 चलित रसोई केन्द्रों से शहरी जरूरतमंदों को भोजन थाली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 16 नगर निगमों में 58 स्थायी रसोई केन्द्र, 99 नगरपालिका परिषद में 99 स्थायी रसोई केन्द्र और 9 नगर परिषदों में 9 स्थायी रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में संचालित 25 चलित रसोई केन्द्र में से 16 नगर निगमों में 23 चलित रसोई केन्द्र और 2 नगरपालिका परिषद में 2 चलित रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। नगरीय निकायों में चलित रसोई केन्द्र की सुविधा इसलिये प्रारंभ की गई है कि जरूरतमंदों को उनके श्रम स्थान पर पहुंचकर ही भोजन थाली उपलब्ध कराई जा सके।
संस्था को दी जाने वाली अनुदान राशि
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा रसोई योजना संचालित करने वाली संस्था को विभाग द्वारा प्रति थाली 10 रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करायी जा रही है। रसोई योजना का संचालन प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रसोई केन्द्र में स्वच्छता के साथ किये जाने की व्यवस्था की गयी है। व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी नगरीय निकायों के अमले को सौंपी गयी है। शहरी क्षेत्र में 25 चलित रसोई केन्द्रों के लिये सुसज्जित वाहन विभाग द्वारा नगरीय निकायों को दिये गये हैं। प्रदेश के 6 धार्मिक नगरों मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा और अमरकंटक में भी रसोई केन्द्र की व्यवस्था की गयी है। इन धार्मिक नगरों में बड़ी संख्या में निर्धन वर्ग के श्रद्धालु इन स्थानों पर पहुंचते हैं। विभाग द्वारा योजना के विस्तार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
Dakhal News
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |