Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पेंच टाइगर रिजर्व में एक नर बाघ शावक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई है, जो कि जंगली हाथियों की मौत के मामले के बाद एक और बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। यह घटना सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में हुई, जहां करीब 4 माह के नर बाघ शावक का शव पाया गया। वन विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर स्थित स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेन्सिक एंड हेल्थ, वेटनरी यूनिवर्सिटी भेजा।
हैरानी की बात यह है कि मृत बाघ शावक के शरीर पर कोई बाहरी चोट या घाव के निशान नहीं मिले, जिससे उसकी मौत के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जबलपुर की वेटनरी यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर डॉ. शोभा जावरे ने बताया कि शावक की उम्र करीब 4 माह थी और उसका वजन लगभग 20 किलो था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब तक कोई बाहरी चोट के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे मौत की सही वजह का पता नहीं चल पाया है।
यह घटना तब सामने आई है, जब अभी तक पेंच टाइगर रिजर्व के आसपास जंगली हाथियों की मौत के मामले में कोई स्पष्टता नहीं आ पाई है। पेंच और आसपास के इलाके में जंगली हाथियों की संदिग्ध मौत के मामले पर चर्चा अभी भी जारी है, और वन विभाग इसकी जांच में जुटा हुआ है।
पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ शावक की संदिग्ध मौत और हाथियों की मौत के मामलों ने वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को उजागर किया है। वन विभाग इस मामले में तेजी से जांच कर रहा है और मृत बाघ शावक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।
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