Patrakar Priyanshi Chaturvedi
आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि मामला सिर्फ कुत्तों के काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनसे सड़क हादसों का भी गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि यह पहचानना संभव नहीं है कि कौन सा कुत्ता किस समय किस मूड में होगा। कोर्ट ने साफ कहा कि लोग, बच्चे और बुजुर्ग लगातार शिकार हो रहे हैं और मौतें तक हो रही हैं, इसलिए सड़कों को आवारा कुत्तों से खाली रखना होगा।
सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मेहता ने सवाल उठाया कि अदालत परिसरों और स्कूलों में कुत्तों की क्या जरूरत है। आवारा कुत्तों के पक्ष में पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल के तर्कों पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कुत्तों की नसबंदी के बाद उन्हें उसी इलाके में छोड़ने की व्यवस्था से संस्थानों को कुत्तों से मुक्त कैसे रखा जाएगा। यह मामला जुलाई 2025 में शुरू हुआ था और अब तक पांच बार सुनवाई हो चुकी है। कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि बुधवार को सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर इस गंभीर समस्या का व्यावहारिक समाधान तलाशा जाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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