दिव्यांग शिक्षिका की प्रेरणादायक कहानी

रंजू सिंह बच्चों को पढ़ाने बहुत दूर जाती हैं

वाकई में गुरु उस दीप के समान होता है  जो स्वयं जलकर चारो तरफ प्रकाश फैला देता है सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को आज शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं अमरपाटन में एक  दिव्यांग शिक्षिका है जो विकलांग होने के बावजूद कई किलोमीटर दूर जाकर विद्यार्थियों को शिक्षा दे रही है देश उनको सलाम करता है। गुरुओं का सत्कार कभी ना भूले हम इतने बने महान गगन को छू लें हम ग्राम खरमसेड़ा के स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं अपनी शिक्षिका रंजू सिंह को के सम्मान में यही कहते हैं अमरपाटन में एक दिव्यांग शिक्षिका ऐसी है जो अपने पति की मृत्यु के बाद से कठिन परिस्थियों से लड़कर अपने दो बच्चों का पालन पोषण कर रही है और अमरपाटन से आठ किलोमीटर दूर ग्राम खरमसेड़ा जाकर स्कूल में बच्चो को पढ़ा रही है अपना परिवार चलने के लिए रंजू सिंह बचे हुए समय में सिलाई का काम भी करती है रंजू सिंह कहती है कठिनाइयों से घबराओ मत कठिनाइयों को पार कर आगे बढ़ते चलो ऐसी शिक्षिका को पूरा देश सलाम करता  है। 

Dakhal News 5 September 2023

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