Patrakar Priyanshi Chaturvedi
सड़क बनने के बाद भी नहीं ली स्मारक की सुध
शहीद आसाराम जगूड़ी के स्मारक स्थल के पास सड़क निर्माण के दौरान अधिकारियों ने स्मारक को क्षतिग्रस्त कर दिया.. लेकिन सड़क निर्माण का काम पूरा होने के बावजूद परियोजना के अधिकारियों और ना ही शासन प्रशासन ने मामले की सुध ली बल्कि स्मारक को क्षतिग्रस्त हाल पर ही छोड़ कर चले गए इस दौरान मामले की जानकारी मिलने पर आईटीबीपी के अधिकारियों ने स्मारक का सौंदर्यीकरण कराया जिसकी लोग चारो तरफ तारीफ कर रहें वहीं अधिकारियों और शासन प्रशासन की लोग निन्दा कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड के बड़कोट से स्थित शहीद आशाराम जगूड़ी की स्मारक की दीवार ऑल वेदर परियोजना के तहत हुए सड़क निर्माण के दौरान अधिकारियों की लापरवाही के कारण क्षतिग्रस्त हो गयी थी लापरवाह अधिकारियों ने पहले स्मारक के सामने मिट्टी का ढेर लगाकर शहीद आशाराम जगूड़ी के स्मारक की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम किया वहीं सड़क निर्माण के बाद ताजुब की बात है कि परियोजना के अधिकारियों ने और ना ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्मारक की सुध ली बल्कि उसे उसके क्षतिग्रस्त हाल पर छोड़ दिया शासन - प्रशासन से भी मामले की शिकायत की गई लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई इस दौरान शहीद के पुत्र धनीराम जगूड़ी ने ITBP को पत्र लिखा पत्र पहुँचते ही आईटीबीपी की 35 वीं वाहिनी महिदंडा के प्रभारी सुनील कुमार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 8 जवानों का एक सैन्य दल भेजकर दीवार की मरम्मत कराई साथ ही स्मारक का सौन्दर्यकरण भी कराया गया वहीं अब अधिकारियों और शासन प्रशासन की लोग निंदा कर रहे हैं जबकि दूसरी ओर क्षेत्रवासी सैन्य प्रभारी सुनील कुमार का आभार जता रहे हैं।
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