Patrakar Priyanshi Chaturvedi
वृक्षारोपण के साथ प्राकृतिक खेती ही विकल्प
मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने पर्यावरण जागरूकता के विषय में किसानों से आव्हान करते हुए कहा कि वर्तमान में पर्यावरण की चिंता करना हम सब का कर्तव्य है | ऐसे में वृक्षारोपण के साथ प्राकृतिक खेती ही एक मात्र रास्ता है |कृषि मंत्री कमला पटेल ने हरदा में कहा पर्यावरण का सुरक्षा चक्र बनाना बहुत ही जरूरी हो गया है | इसलिए पर्यावरण रक्षा के लिए वृक्षारोपण और गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती कि ओर हमें बढ़ना होगा | इसके लिए केंद्र में मोदीसरकार और प्रदेश में शिवराज सरकार ने पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं किसान वर्ग के लिए शुरू की हैं | हमारे प्रदेश में सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए प्राकृतिक कृषि बोर्ड का गठन किया है | राज्य सरकार प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए ग्राम स्तर तक वातावरण बनाने और इसमें किसानों की सहायता करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है | मंत्री पटेल ने कहा कि फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए आज हम इतने आगे बढ़ गए कि ज्यादा से ज्यादा रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्याधिक मात्रा में उपयोग करने लगे | जिसके कारण परिणाम हुआ कि खेत की मिट्टी का क्षरण हो रहा है साथ ही मनुष्य कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित होते जा रहे हैं | इन्हें नियंत्रित करने करने के लिए प्राकृतिक खेती ही एक मात्र रास्ता है | कृषि मंत्री कमल पटेल ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय कृषि विज्ञान केंद्र हरदा में वसुमता क्लस्टर कैंप द्वितीय चरण सह कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करने के पश्चात पर्यावरण की सुरक्षा और प्राकृतिक खेती करने के लिए शपथ भी किसानों को दिलाई |
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